कार्तिक मास को कार्तिक (दामोदर) मास क्यों कहते हैं??
कार्तिक (दामोदर) मास का क्या महत्व है??? जानिए
कार्तिक (दामोदर) मास का इतना माहत्म्य क्यों?
_क्योंकि इस मास में भगवान ने बहुत सारी लीलाएँ की हैं_....जो इस प्रकार हैं...
शरद पूर्णिमा= इस दिन भगवान श्रीकृष्ण ने राधारानी और गोपियों के साथ रास किया था। शरद पूर्णिमा की रात्रि से ही कार्तिक मास शुरू हुआ था।
बहुलाष्टमी= यह दिन राधाकुण्ड,श्यामकुण्ड के आविर्भाव का स्मरणोत्सव है।इसी दिन श्रीकृष्ण और राधारानी ने श्यामकुंड ,राधाकुंड का निर्माण किया था ।
"रमा एकादशी"
धनतेरस= इस दिन धन्वतंरी भगवान अमृत और आयुर्वेद की औषधियों के साथ प्रकट हुए थे।
नरकाचतुर्दशी =इस दिन भगवान श्रीकृष्ण ने नरकासुर का वध किया था|
दामोदर लीला= इसी मास में दिवाली के दिन मैया यशोदा ने भगवान कृष्ण को उखल से बांधा था जिससे उनका नाम दामोदर पड़ा अर्थात जिनका उदर(पेट)दाम (रस्सी) से बंध गया और इसीलिए कार्तिक मास का नाम _*दामोदर मास*_ पड़ा ।
दिवाली =भगवान राम 14 वर्ष के वनवास से अयोध्या लौटे ।सभी अयोध्यावासियों ने दीप जलाये,जिसे दिवाली के रूप में आज भी हम मानते हैं ।
गोवर्धन पूजा*- दिवाली के पश्चात गोवर्धन पूजा की जाती है । भगवान कृष्ण ने अपनी बाएं हाथ की कनिष्ठ उंगली पर गोवर्धन पर्वत उठाया था| इस दिन भगवान को _56भोग_ लगाये जाते हैं ।
गोपष्टमी= भगवान कृष्ण ने गाय चराना शुरू किया ।
उत्थान एकादशी= (देवउठनी एकादशी) -इस दिन 4 महीनों बाद भगवान उठते हैं।इसीलिए इस एकादशी को देवउठनी एकादशी कहते हैं ।
तुलसी विवाह= भगवान श्रीकृष्ण और तुलसी महारानी का विवाह होता हैं ।
"कार्तिक मास में भगवान श्रीकृष्ण के आगे संध्या समय दिया अर्पण करने का विशेष महत्व है !
" इस विषय में "
पद्म पुराण में कहा गया है....
"कार्तिक मास में मात्र एक दीपक अर्पित करने से भगवान कृष्ण प्रसन्न होते हैं !
इसको भी पढ़ें ...
करवा चौथ व्रत का शुभ मुहूर्त ,पति पत्नी में नहीं होगा झगड़ा यह करें उपाय, पढ़ें...
इस दिन महिलाएं अपने पति की दीर्घायु के लिए निराजल व्रत रखकर रात्रि में चंद्र दर्शन के बाद उसे अर्ध्य देकर.....
राष्ट्रीय भागवत कथा प्रवक्ता
प्रमोद कृष्ण शास्त्री जी महाराज ,श्री धाम वृंदावन,
www.pramodkrishnashastri.com
WhatsApp no 8737866555
call 9453316276
कार्तिक (दामोदर) मास का क्या महत्व है??? जानिए
कार्तिक (दामोदर) मास का इतना माहत्म्य क्यों?
_क्योंकि इस मास में भगवान ने बहुत सारी लीलाएँ की हैं_....जो इस प्रकार हैं...
शरद पूर्णिमा= इस दिन भगवान श्रीकृष्ण ने राधारानी और गोपियों के साथ रास किया था। शरद पूर्णिमा की रात्रि से ही कार्तिक मास शुरू हुआ था।
बहुलाष्टमी= यह दिन राधाकुण्ड,श्यामकुण्ड के आविर्भाव का स्मरणोत्सव है।इसी दिन श्रीकृष्ण और राधारानी ने श्यामकुंड ,राधाकुंड का निर्माण किया था ।
"रमा एकादशी"
धनतेरस= इस दिन धन्वतंरी भगवान अमृत और आयुर्वेद की औषधियों के साथ प्रकट हुए थे।
नरकाचतुर्दशी =इस दिन भगवान श्रीकृष्ण ने नरकासुर का वध किया था|
दामोदर लीला= इसी मास में दिवाली के दिन मैया यशोदा ने भगवान कृष्ण को उखल से बांधा था जिससे उनका नाम दामोदर पड़ा अर्थात जिनका उदर(पेट)दाम (रस्सी) से बंध गया और इसीलिए कार्तिक मास का नाम _*दामोदर मास*_ पड़ा ।
दिवाली =भगवान राम 14 वर्ष के वनवास से अयोध्या लौटे ।सभी अयोध्यावासियों ने दीप जलाये,जिसे दिवाली के रूप में आज भी हम मानते हैं ।
गोवर्धन पूजा*- दिवाली के पश्चात गोवर्धन पूजा की जाती है । भगवान कृष्ण ने अपनी बाएं हाथ की कनिष्ठ उंगली पर गोवर्धन पर्वत उठाया था| इस दिन भगवान को _56भोग_ लगाये जाते हैं ।
गोपष्टमी= भगवान कृष्ण ने गाय चराना शुरू किया ।
उत्थान एकादशी= (देवउठनी एकादशी) -इस दिन 4 महीनों बाद भगवान उठते हैं।इसीलिए इस एकादशी को देवउठनी एकादशी कहते हैं ।
तुलसी विवाह= भगवान श्रीकृष्ण और तुलसी महारानी का विवाह होता हैं ।
"कार्तिक मास में भगवान श्रीकृष्ण के आगे संध्या समय दिया अर्पण करने का विशेष महत्व है !
" इस विषय में "
पद्म पुराण में कहा गया है....
"कार्तिक मास में मात्र एक दीपक अर्पित करने से भगवान कृष्ण प्रसन्न होते हैं !
![]() |
| Pramod Krishna Shastri |
इसको भी पढ़ें ...
करवा चौथ व्रत का शुभ मुहूर्त ,पति पत्नी में नहीं होगा झगड़ा यह करें उपाय, पढ़ें...
इस दिन महिलाएं अपने पति की दीर्घायु के लिए निराजल व्रत रखकर रात्रि में चंद्र दर्शन के बाद उसे अर्ध्य देकर.....
यह भी पढ़ें
श्री रामचरितमानस की ये एक चौपाई मिटा देगी सारे संकट, घर में होगी खुशियों की बरसात
प्रमोद कृष्ण शास्त्री जी महाराज ने लखनऊ में चल रही श्रीमद् भागवत महापुराण कथा भक्तों को संकटों से निपटने के लिए बतलाया उपाय... पढ़ें
A Single Mantra Can Resolve All Your Problems
आज के समय में मनुष्य इतना अधिक व्यस्त रहता है जिसके कारण रात्रि में नींद नहीं आती शारीरिक एवं मानसिक पीड़ा से ग्रसित रहता है ...
राष्ट्रीय भागवत कथा प्रवक्ता
प्रमोद कृष्ण शास्त्री जी महाराज ,श्री धाम वृंदावन,
www.pramodkrishnashastri.com
WhatsApp no 8737866555
call 9453316276

No comments:
Post a Comment