करवा चौथ व्रत का शुभ मुहूर्त ,पति पत्नी में नहीं होगा झगड़ा यह करें उपाय, पढ़ें...
करवा चौथ दिनांक 27 अक्टूबर 2018 दिन शनिवार को है।
इस दिन महिलाएं अपने पति की दीर्घायु के लिए निराजल व्रत रखकर रात्रि में चंद्र दर्शन के बाद उसे अर्ध्य देकर व्रत खोलती हैं।
महिलाएं सोलह श्रृंगार करती हैं
, मंगलसूत्र, मांग टीका, बिंदिया ,काजल, नथनी, कर्णफूल, मेहंदी, कंगन, लाल रंग की चुनरी, बिछिया, पायल, कमरबंद, अंगूठी, बाजूबंद और गजरा धारण करती हैं। कुंवारी लड़कियां भी सुयोग्य वर प्राप्ति के लिए यह व्रत कर सकती हैं।
करवा चौथ पूजा का मुहूर्त शाम 5.40 से 6.47 तक व चंद्रोदय शाम 7:35 बजे। लेकिन चतुर्थी तिथि 7:58 बजे से ही शुरू हो रही है ऐसे में 7:58 के बाद ही अर्घ्य देना ठीक रहेगा।
जिन व्यक्तिओ की पत्नी बीमार है या किसी कारण से व्रत नहीं कर सकती, उनके पति व्रत रख सकते है।
पति - पत्नी मे झगड़ा - मनमुटाव कम करने के लिए करवाचौथ के दिन झाडू की दो सींकों को उलटा और सीधा क्रम में नीले धागे से बांधकर घर के दक्षिण-पश्चिम दिशा में रखना से वैवाहिक जीवन में तनाव कम होता है।
यदि पति कहीं और आकृषित हो गया हो, पति किसी अन्य स्त्री से प्रेम करने लगा हो , अगर स्त्री किसी अन्य पुरुष से आकर्षित हो रही हो किसी दूसरे पुरुष से प्रेम करने लगी हो,वैवाहिक जीवन मे परेशानी आ रही हो, तो करवाचौथ वाले दिन गौरी शंकर नेपाली रुद्राक्ष धारण करें
रुद्राक्ष धारण करने की विधि सबसे पहले रुद्राक्ष को गौ दुग्ध से स्नान कराएं ,गंगाजल से स्नान कराएं गाय के मूत्र से स्नान कराएं लाल रोली लगाने के बाद उसको भगवान भोलेनाथ के शिवलिंग पर कुछ समय के लिए रख दें इसके बाद उसको धारण करें!
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प्रमोद कृष्ण शास्त्री जी महाराज
श्री धाम वृंदावन
WhatsApp 8737866555
करवा चौथ दिनांक 27 अक्टूबर 2018 दिन शनिवार को है।
इस दिन महिलाएं अपने पति की दीर्घायु के लिए निराजल व्रत रखकर रात्रि में चंद्र दर्शन के बाद उसे अर्ध्य देकर व्रत खोलती हैं।
महिलाएं सोलह श्रृंगार करती हैं
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| करवा चौथ व्रत |
करवा चौथ पूजा का मुहूर्त शाम 5.40 से 6.47 तक व चंद्रोदय शाम 7:35 बजे। लेकिन चतुर्थी तिथि 7:58 बजे से ही शुरू हो रही है ऐसे में 7:58 के बाद ही अर्घ्य देना ठीक रहेगा।
जिन व्यक्तिओ की पत्नी बीमार है या किसी कारण से व्रत नहीं कर सकती, उनके पति व्रत रख सकते है।
पति - पत्नी मे झगड़ा - मनमुटाव कम करने के लिए करवाचौथ के दिन झाडू की दो सींकों को उलटा और सीधा क्रम में नीले धागे से बांधकर घर के दक्षिण-पश्चिम दिशा में रखना से वैवाहिक जीवन में तनाव कम होता है।
यदि पति कहीं और आकृषित हो गया हो, पति किसी अन्य स्त्री से प्रेम करने लगा हो , अगर स्त्री किसी अन्य पुरुष से आकर्षित हो रही हो किसी दूसरे पुरुष से प्रेम करने लगी हो,वैवाहिक जीवन मे परेशानी आ रही हो, तो करवाचौथ वाले दिन गौरी शंकर नेपाली रुद्राक्ष धारण करें
रुद्राक्ष धारण करने की विधि सबसे पहले रुद्राक्ष को गौ दुग्ध से स्नान कराएं ,गंगाजल से स्नान कराएं गाय के मूत्र से स्नान कराएं लाल रोली लगाने के बाद उसको भगवान भोलेनाथ के शिवलिंग पर कुछ समय के लिए रख दें इसके बाद उसको धारण करें!
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श्री धाम वृंदावन
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