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Tuesday, October 23, 2018

आज शरद पूर्णिमा विशेष महत्व पूरा पढ़े??? पूजन करने से धन की होगी वर्षा Pramod Krishna Shastri

आज शरद पूर्णिमा विशेष महत्व पूरा पढ़े???
पूजन करने से धन की होगी वर्षा

इस बार शरद पूर्णिमा तिथि की शुरुआत आज रात मंगलवार 10/16 को हो रही है और इसका समापन (24) अक्टूबर  बुधवार रात 10/18को होगा। व्रत एवं पूजा (24)अक्टूबर (कल) बुधवार को  ही होगा। व्रती रात्रि में चन्द्रोदय होने के बाद गन्ध,चन्दन,अक्षत,पुष्प,धूप,दीप,नैवेद्य,फल,ताम्बूल दक्षिणादि से पूजन करें

इस मंत्र का जाप करें 21 माला
ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्री सिद्ध लक्ष्म्यी नमः

 !! चन्द्रार्घ्य निम्न मन्त्र द्वारा करें!!
 🕉ॐक्षीरोदार्णवसम्भूतं अत्रिगोत्रसमुद्भवम्।
गृहाणार्घ्यंशशांकेदं रोहिणी सहितो मम।।
प्रदान कर प्रणाम करे।
🕉 ॐदधिशंखतुशाराभं क्षीरोदार्णवसम्भवम्।
नमामि शशिनम् सोमं शम्भुर्मुकुट भूषणम्।।
ॐज्योत्सनानां पतये तुभ्यं ज्योतिषां पतये नम:।
नमस्ते रोहिणीकान्त सुधावास नमोस्तु ते।।
मान्‍यता है कि शरद पूर्णिमा ही वो दिन है जब चंद्रमा अपनी 16 कलाओं से युक्‍त होकर धरती पर अमृत की वर्षा करता है। आमतौर पर हम सुनते हैं कि चंद्रमा में सोलह कलाएं होती हैं। भगवान श्रीकृष्ण को सोलह कलाओं का स्वामी कहा गया है तो राम को बारह कलाओं का। दोनों ही पूर्णावतार हैं। इसकी अलग-अलग व्याख्या मिलती हैं। कुछ की राय में भगवान राम सूर्यवंशी थे तो उनमें बारह कलाएं थीं। श्रीकृष्ण चंद्रवंशी थे तो उनमें सोलह कलाएं थीं।  वर्षभर में शरद पूर्णिमा के ही दिन चांद सोलह कलाओं का होता है। इस रात चांद की छटा अलग ही होती है जो पूरे वर्ष कभी दिखाई नहीं देती। चांद को लेकर जितनी भी उपमाएं दी जाती हैं, वह सभी शरद पूर्णिमा पर केंद्रित हैं।
          🌙चन्द्रमा_की_सोलह_कला:
अमृत, मनदा ( विचार), पुष्प ( सौंदर्य), पुष्टि ( स्वस्थता), तुष्टि( इच्छापूर्ति), ध्रुति ( विद्या), शाशनी ( तेज), चंद्रिका ( शांति),कांति (कीर्ति), ज्योत्सना ( प्रकाश), श्री (धन), प्रीति ( प्रेम),अंगदा (स्थायित्व), पूर्ण ( पूर्णता अर्थात कर्मशीलता) और पूर्णामृत (सुख)। चंद्रमा के प्रकाश की 16 अवस्थाएं हैं। मनुष्य के मन में भी एक प्रकाश है। मन ही चंद्रमा है। चंद्रमा जैसे घटता-बढ़ता रहता है। मन की स्थिति भी यही होती है।इसी पूनम की चांदनी रात्री मे खीर बनाकर प्रात,ग्रहण से चन्द्रमा की अमृतबर्षा रूपी१६कलाओं की प्राप्ति होती है। 
               


     राष्ट्रीय भागवत कथा प्रवक्ता 
    प्रमोद कृष्ण शास्त्री जी महाराज 
            श्री धाम वृंदावन 
    8737866555  9453316276

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