Wednesday, December 12, 2018

#किसी_का_भी_जीवन_चुनौतिओं_से_रहित_नहीं_है_लेकिन_उनका_सामना_हम_कैसे_करते_हैं_यह_समझना_है

महाभारत में कर्ण ने श्री कृष्ण से पूछा "मेरी माँ ने मुझे जन्मते ही त्याग दिया, 
              क्या ये मेरा अपराध था कि मेरा जन्म एक ऐसे बच्चे के रूप में हुआ? जिसके कारण किसी ने मुझे सम्मान ही नहीं दिया ,

दोर्णाचार्य ने मुझे शिक्षा देने से मना कर दिया क्योंकि वो मुझे         क्षत्रीय नही मानते थे, क्या ये मेरा कसूर था..

Pramod Krishna Shastri

call -8737866555

www.pramodkrishnashastri.com


श्री कृष्ण मंद मंद मुस्कुराते हुए बोले-
"कर्ण, मेरा जन्म जेल में हुआ था। मेरे पैदा होने से पहले मेरी मृत्यु मेरा इंतज़ार कर रही थी। जिस रात मेरा जन्म हुआ ...उसी रात मुझे मेरे माता-पिता से अलग होना पड़ा...

मैने गायों को चराया और गोबर को उठाया।
जब मैं चल भी नही पाता था.. तो मेरे ऊपर प्राणघातक हमले हुए।

कोई सेना नही, कोई शिक्षा नही, कोई गुरुकुल नही, कोई महल नही, मेरे मामा ने मुझे अपना सबसे बड़ा शत्रु समझा। बड़े होने पर मुझे ऋषि सांदीपनि के आश्रम में जाने का अवसर मिला।

मुझे बहुत से विवाह राजनैतिक कारणों से या उन स्त्रियों से करने पड़े ...जिन्हें मैंने राक्षसों से छुड़ाया था!
जरासंध के प्रकोप के कारण मुझे अपने परिवार को यमुना से ले जाकर सुदूर प्रान्त मे समुद्र के किनारे बसाना पड़ा...

हे कर्ण!--किसी का भी जीवन चुनौतिओं से रहित नहीं है। सबके जीवन मे सब कुछ ठीक नहीं होता ...
सत्य क्या है और उचित क्या है? ये हम अपनी आत्मा की आवाज़ से स्वयं निर्धारित करते हैं!

इस बात से कोई फर्क नही पड़ता कितनी बार हमारे साथ अन्याय होता है,
इस बात से कोई फर्क नही पड़ता* कितनी बार हमारा अपमान होता है,
इस बात से भी कोई फर्क नही पड़ता* कितनी बार हमारे अधिकारों का हनन होता है।

फ़र्क़ सिर्फ इस बात से पड़ता है कि हम उन सबका सामना किस प्रकार कर्मज्ञान के साथ करते हैं..!!

 कर्मज्ञान है तो ज़िन्दगी हर पल मौज़ है वरना समस्या तो सभी के साथ रोज है




इसको भी पढ़ें....

श्री हनुमान जी ने क्यों और किससे किया विवाह ??


No comments:

Post a Comment

Featured Post

जानिए हाथ की उंगलियों में शंख और चक्र का रहस्य

 हाथ की उंगलियों और हथेली में शंख और चक्र का क्या महत्व है #Pramod_Krishna_Shastri #astrologer  हस्तरेखा शास्त्र में हाथ की उंगलियों के पोरो...